



नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन शुक्रवार को भी लोकसभा में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने आठ निलंबित सांसदों की वापसी की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सांसद सदन की मेजों पर चढ़कर विरोध करेंगे तो ऐसे ही कड़े कदम उठाए जाएंगे।
पहले सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने एलपीजी संकट के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं पीटीआई के सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव भी दिया है। लगातार हो रहे हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद दोबारा शुरू हुई कार्यवाही भी शोर-शराबे के कारण दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दो बजे के बाद शुरू हुई कार्यवाही करीब एक घंटे ही चल सकी और अंततः लोकसभा को 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की।
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे घटनाक्रमों के कारण देश के सामने कुछ आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे समय में सरकार आवश्यक फंड उपलब्ध कराने और स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे कठिन समय में विपक्ष को सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है।