Monday, 09 March 2026

राजस्थान विधानसभा में दो पंचायतीराज संशोधन और अजमेर आयुर्वेद विश्वविद्यालय विधेयक पारित, करवाई10 मार्च प्रातः 11:00 बजे तक के लिए स्थगित


राजस्थान विधानसभा में दो पंचायतीराज संशोधन और अजमेर आयुर्वेद विश्वविद्यालय विधेयक पारित, करवाई10 मार्च प्रातः 11:00 बजे तक के लिए स्थगित

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को दिनभर चली चर्चा और बहस के बाद दो विधेयक—राजस्थान पंचायतीराज संशोधन विधेयक 2026 और राजस्थान आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय, अजमेर विधेयक 2026—पारित कर दिए गए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही 10 मार्च 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

पंचायतीराज संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो से अधिक बच्चों की शर्त अब अप्रासंगिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि यह प्रावधान वर्ष 1995 में जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन वर्तमान समय में जनसंख्या वृद्धि दर में कमी और बढ़ती जागरूकता के कारण इसकी आवश्यकता नहीं रही। मंत्री ने कहा कि इस नियम के कारण कई अनुभवी और योग्य जनप्रतिनिधि चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते थे, इसलिए संशोधन के माध्यम से उन्हें अवसर देने का निर्णय लिया गया है।

बहस के दौरान दिलावर ने कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पर ‘यू-टर्न’ लेने का आरोप लगाने वाले पहले अपने फैसलों पर नजर डालें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में कांग्रेस सरकार ने दो से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों के लिए सरकारी नौकरी और प्रमोशन पर रोक का प्रावधान किया था, लेकिन बाद में 2023 में उसी प्रावधान में ढील दे दी गई। मंत्री ने कहा कि हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों में भी दो से अधिक संतान का प्रावधान समाप्त किया जा चुका है।

इस पर कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के उस फैसले का अपमान कर रही है, जो जनसंख्या नियंत्रण के लिए लागू किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अब जनसंख्या बढ़ाने का संदेश दे रही है।

सदन में राजस्थान आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय, अजमेर विधेयक 2026 पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।

विधेयक पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस विधायक डूंगर राम गेदर ने की और विश्वविद्यालय के लिए अलग से शोध फंड देने की मांग उठाई। कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जोधपुर में पहले से आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय है, ऐसे में नए विश्वविद्यालय की आवश्यकता और बजट प्रावधान स्पष्ट किया जाना चाहिए। वहीं कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने विश्वविद्यालय के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की। भाजपा विधायक अनीता भदेल, सुभाष मील और फूलचंद मीणा ने भी इस विधेयक का समर्थन किया। राष्ट्रीय लोकदल के विधायक सुभाष गर्ग ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय का नाम राजस्थान आयुष विश्वविद्यालय रखा जाए और इसके लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया जाए।

दिनभर चली बहस और हंगामे के बाद दोनों विधेयकों को पारित कर दिया गया और विधानसभा की कार्यवाही 10 मार्च 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

Previous
Next

Related Posts