



राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश कार्यसमिति का विस्तार किया है। पार्टी नेतृत्व ने स्थायी एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति करते हुए संगठनात्मक ढांचे को नया स्वरूप दिया है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी द्वारा जारी सूची में कुल 154 सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें 20 महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
पार्टी द्वारा जारी सूची में 12 स्थायी आमंत्रित सदस्यों को स्थान दिया गया है। इनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी और सतीश पूनिया प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार के मंत्रियों गजेन्द्र सिंह शेखावत, भूपेन्द्र यादव, अर्जुनराम मेघवाल, भागीरथ चौधरी तथा रवनीत सिंह बिट्टू को भी कार्यसमिति में स्थान दिया गया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ को भी स्थायी सदस्य बनाया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन को सक्रिय, प्रभावी और संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से सभी संगठनात्मक जिलों से वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कुल 90 कार्यसमिति सदस्यों में विभिन्न जिलों को प्रतिनिधित्व देते हुए कहीं दो तो कहीं तीन से चार नेताओं को शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन कायम रखा जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सूची भाजपा के भीतर सभी प्रमुख धड़ों और वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तक को शामिल कर पार्टी ने संगठनात्मक एकजुटता और सामूहिक नेतृत्व का स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है। आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए इस विस्तार को भाजपा की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।



