



सीकर। विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में आयोजित बाबा श्याम का वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेला विधिवत रूप से संपन्न हो गया। मेले का समापन सूरजगढ़ के पारंपरिक निशान को मंदिर शिखर पर चढ़ाने और भोग आरती के साथ हुआ। हर वर्ष की तरह इस बार भी 152 किलोमीटर दूर सूरजगढ़ से श्रद्धालु निशान लेकर पदयात्रा करते हुए खाटू धाम पहुंचे। द्वादशी के अवसर पर बाबा श्याम को खीर-चूरमे का विशेष भोग अर्पित किया गया।
मंदिर कमेटी के अनुसार इस वर्ष 21 फरवरी से 28 फरवरी तक चले आठ दिवसीय मेले में करीब 15 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन किए। हालांकि पिछले वर्ष 12 दिनों तक चले मेले में लगभग 20 लाख भक्त पहुंचे थे। इस बार मेले की अवधि चार दिन कम होने और अन्य कारणों के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में लगभग 5 लाख की कमी दर्ज की गई।
मेले के समापन के बावजूद खाटू धाम में आस्था का प्रवाह जारी है। श्रद्धालु 14 लाइनों में लगकर बाबा श्याम के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण मंदिर के पट पूरे दिन बंद रहेंगे। 4 मार्च को सुबह 5:30 बजे मंगला आरती के साथ पट पुनः खुलेंगे। उसी दिन रात्रि 9 बजे विशेष सेवा पूजा और तिलक श्रृंगार के कारण पट बंद किए जाएंगे और 5 मार्च की शाम 5 बजे पुनः खोले जाएंगे।
चंद्रग्रहण के कारण इस बार होली पर खाटू में रुकने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी अपेक्षाकृत कम रही। अधिकांश भक्त मेले के समापन के बाद अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं।
छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो पूरा मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पिछले वर्ष की तुलना में अधिक पुलिस बल तैनात किया गया और टीनशैड, बैरिकेडिंग तथा अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। मंदिर कमेटी की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए।