Thursday, 26 February 2026

नरेगा और टांका निर्माण में हजारों करोड़ के घोटालों का आरोप, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग डॉ. किरोड़ीलाल मीणा बोले- कांग्रेस राज की होगी उच्च स्तरीय जांच


नरेगा और टांका निर्माण में हजारों करोड़ के घोटालों का आरोप, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग डॉ. किरोड़ीलाल मीणा बोले- कांग्रेस राज की होगी उच्च स्तरीय जांच

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस सरकार पर नरेगा और टांका निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों में नरेगा योजना के तहत कच्चे कार्यों के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की गड़बड़ियां हुईं और सरकारी धन की खुलकर लूट हुई। मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार द्वारा पारदर्शी प्रणाली लागू किए जाने के बाद ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगी है।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विशेष रूप से नागौर जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां टांका निर्माण के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि कई स्थानों पर जमीन पर कार्य ही नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने विधायकों के दबाव में जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उस समय छह आईएएस अधिकारियों के खिलाफ जांच प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर पर जांच कराकर क्लीन चिट दे दी गई, जिसकी अब पुनः समीक्षा करवाई जाएगी।

उन्होंने हनुमानगढ़ और अन्य जिलों में भी अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में टांका निर्माण योजनाओं में भारी वित्तीय गड़बड़ियां हुईं। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री डॉ. मीणा के अनुसार बाड़मेर सहित कई जिलों में टांका निर्माण के कार्यों में करीब 1400 करोड़ रुपये से अधिक का कथित घोटाला सामने आया है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीणा ने स्वयं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी और रिपोर्ट में 1537 करोड़ रुपये के कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था, जिनमें लगभग 750 करोड़ रुपये के कार्य मौके पर नहीं पाए गए।

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि योजना के तहत एक टांका बनाने का अनुमानित खर्च लगभग 3 लाख रुपये दर्शाया गया, जबकि वास्तविक लागत करीब 1.20 लाख रुपये थी। इस प्रकार प्रत्येक टांके में लगभग 1.80 लाख रुपये की अनियमितता हुई, जिससे कुल मिलाकर करीब 1450 से 1476 करोड़ रुपये तक के घोटाले की आशंका बनती है। उन्होंने घोषणा की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाई जाएगी और वास्तविक तथ्य जनता के सामने लाए जाएंगे।

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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