



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार को बोलने की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। स्थिति इतनी तनावपूर्ण बन गई कि सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में शाम 7 बजकर 27 मिनट पर कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।
घटना उस समय हुई जब सभापति ने पहले कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार को अनुदान मांगों पर बोलने की अनुमति दी और वे सदन में अपना वक्तव्य दे रहे थे। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सदन में पहुंचे और हस्तक्षेप करते हुए उन्हें बोलने से रोक दिया। स्पीकर ने कहा कि श्रवण कुमार पिछले छह दिनों से लगातार चर्चा में भाग ले रहे हैं और उन्हें पहले ही आज बोलने से मना किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाद में उन्हें अवसर दिया जाएगा, लेकिन आदेशों की अवहेलना स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके बाद अनुदान मांगों पर चर्चा जारी रही और डग विधायक कालूराम बोल रहे थे। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए श्रवण कुमार की अनुमति वापस लेने को अनुचित बताया। जूली ने कहा कि किसी विधायक को अनुमति देकर बीच में रोकना उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में किसी की मेहरबानी से नहीं बैठा है और इस तरह सदन चलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
सरकारी मुख्य सचेतक ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। सदन में शोरगुल बढ़ने पर कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। शाम को कार्यवाही पुनः शुरू होने पर अनुदान मांगों पर बहस आगे बढ़ी, लेकिन विरोध जताते हुए कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले गए और कार्यवाही का बहिष्कार किया।