



अजमेर। राजस्थान सरकार द्वारा अजमेर स्थित राजस्व मंडल के बनने वाले नवनिर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किए जाने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वासुदेव देवनानी का आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण निर्णय में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की भूमिका की सराहना की गई। 15 फरवरी रविवार को अजमेर राजस्व मंडल अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शंकर लाल जाट,पदाधिकारी और वरिष्ठअधिवक्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अजमेर निवास पर पहुंचकर स्वागत करते हुएआभार जताया।
अजमेर राजस्व मंडल अधिवक्ता संघ और सामाजिक संगठनों ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजस्व मंडल के नवनिर्माण की आवश्यकता को गंभीरता से सरकार के समक्ष रखा और लगातार प्रयास किए। उनके सकारात्मक हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप ही राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी प्रदान की।
डेढ़ सौ करोड़ की लागत से बनने वाले नवनिर्मित राजस्व मंडल भवन में आधुनिक न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित कक्ष, डिजिटल अभिलेख व्यवस्था, पर्याप्त वाहन पार्किंग तथा आमजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण में भी सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर अधिवक्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि नवनिर्माण कार्य शीघ्र शुरू होकर समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया भवन राजस्व मंडल को एक आधुनिक, सक्षम और जनहितैषी संस्था के रूप में स्थापित करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अजमेर निवास पर आभार जताने के कार्यक्रम में राजस्व मंडल अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शंकर लाल जाट, सचिव मनीष पांडे, अशोक अग्रवाल, सोहन पाल सिंह चौधरी, शांति प्रकाश ओझा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, रामस्वरूप चौधरी, राकेश अरोड़ा, उपाध्यक्ष अर्चना गौतम, ईश्वर देवड़ा, हरदत सहारण, कोषाध्यक्ष नीरज मेहरा एवं दिनेश चौधरी सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि राजस्व मंडल राज्य की सर्वोच्च राजस्व न्यायिक संस्था है, जहां पूरे प्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों की सुनवाई की जाती है। वर्तमान भवन काफी पुराना और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका था, जिससे अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। बजट स्वीकृति के बाद अब अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन का निर्माण संभव हो सकेगा।