



जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत चुनावों को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर जनहित याचिका (PIL) दायर होने के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम को स्थगित करने या पुनर्निर्धारित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है। इस संभावित कदम से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने-अपने स्तर पर कानूनी व राजनीतिक रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि याचिका में चुनाव की तैयारियों, मतदाता सूची, आरक्षण व्यवस्था, परिसीमन अथवा अन्य प्रशासनिक मुद्दों को आधार बनाया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी तक याचिका के बिंदुओं का खुलासा नहीं हुआ है। यदि याचिका दायर होती है तो मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है, जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम पर प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां पहले से ही अंतिम चरण में बताई जा रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान द्वारा मतदान तिथि, नामांकन प्रक्रिया और मतदाता सूची संबंधी कार्यवाही आगे बढ़ाई जा चुकी है। ऐसे में यदि अदालत कोई अंतरिम आदेश देती है तो चुनावी कैलेंडर में बदलाव संभव है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों का सीधा असर ग्रामीण राजनीति और आगामी बड़े चुनावों की रणनीति पर पड़ता है। इसलिए इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या वास्तव में जनहित याचिका दायर होती है और अदालत इस पर क्या रुख अपनाती है।