Friday, 13 February 2026

एकल पट्टा प्रकरण: हाईकोर्ट में सरकार का तर्क—धारीवाल की याचिका मेंटिनेबल नहीं, सुनवाई 28 फरवरी तक टली


एकल पट्टा प्रकरण: हाईकोर्ट में सरकार का तर्क—धारीवाल की याचिका मेंटिनेबल नहीं, सुनवाई 28 फरवरी तक टली

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जयपुर। बहुचर्चित एकल पट्टा प्रकरण में शुक्रवार को राजस्थान हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार ने पूर्व मंत्री शांति धारीवाल की याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी याचिका मेंटिनेबल (चलने योग्य) नहीं है। सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू और स्पेशल पीपी अनुराग शर्मा ने अदालत को बताया कि धारीवाल का नाम न तो एफआईआर में है और न ही चालान में उन्हें आरोपी बनाया गया है। ऐसे में यह मामला राज्य सरकार और न्यायालय के बीच का है तथा धारीवाल को इसमें याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।

दरअसल धारीवाल ने एसीबी कोर्ट में लंबित प्रोटेस्ट पिटीशन और अन्य आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका तर्क था कि एफआईआर से लेकर चालान तक कहीं भी उनका नाम नहीं है। यहां तक कि एसीबी की ओर से पेश क्लोजर रिपोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई अपराध प्रमाणित नहीं माना गया। इसके बावजूद एसीबी कोर्ट द्वारा अग्रिम जांच के आदेश दिए गए, जिसे उन्होंने कानूनसम्मत नहीं बताया।

वहीं मामले में परिवादी (इंटरवीनर) अशोक पाठक ने अदालत में कहा कि धारीवाल मामले को लंबित रखकर इसे लंबे समय तक अटकाना चाहते हैं, ताकि वर्तमान सरकार का कार्यकाल निकल जाए। उन्होंने अदालत से मामले में शीघ्र निर्णय की मांग की।

सरकार की दलीलों और पक्षकारों की बहस सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। अब इस प्रकरण में आगे की कानूनी दिशा 28 फरवरी की सुनवाई में स्पष्ट हो सकेगी।

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