




राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार, 13 फरवरी को प्रातः 11:00 बजे प्रश्नकाल के साथ कार्यवाही की शुरुआत हुई। सदन की शुरुआत में विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाए और मंत्रियों ने उनका जवाब दिया। प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश की प्रशासनिक, विकासात्मक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का माहौल रहा।
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित तात्कालिक और महत्वपूर्ण विषय उठाने का अवसर मिला। इस दौरान स्थगन प्रस्ताव, पर्ची के माध्यम से ध्यानाकर्षण और नियम 295 के तहत सदस्यों ने स्थानीय समस्याएं, विकास कार्यों में देरी, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे सदन में रखे। शून्यकाल अक्सर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस का मंच भी बनता है।
विधानसभा में लंच ब्रेक के बाद वार्षिक बजट 2026-27 पर चर्चा शुरू होगी। बजट पर यह बहस आने वाले दिनों में विस्तृत रूप से चलेगी, जिसमें सत्ता पक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं का बचाव करेगा, जबकि विपक्ष वित्तीय प्रबंधन, विकास प्राथमिकताओं और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।
बजट सत्र के इस चरण को प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी बहस के आधार पर विभिन्न विभागों के लिए आवंटन और योजनाओं की प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।

