Monday, 09 February 2026

राजस्थान में 5 वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब पास होना अनिवार्य, 32 अंक से कम पर फेल का नियम


राजस्थान में 5 वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब पास होना अनिवार्य, 32 अंक से कम पर फेल का नियम

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राजस्थान में 5 वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। अब परीक्षा में न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा, अन्यथा छात्र फेल माने जाएंगे। राज्य सरकार ने 5 वीं बोर्ड परीक्षा में लागू ऑटोमेटिक प्रमोशन (अपने आप अगली कक्षा में पास करने) की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इसके लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के नियमों में संशोधन किया गया है, जो आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू होगा।

हर विषय में 32 अंक लाना जरूरी

नए नियमों के अनुसार, अब विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 32 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि किसी छात्र के किसी विषय में 32 से कम अंक आते हैं, तो उसे तुरंत फेल नहीं किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों को सुधार का एक और अवसर दिया जाएगा, ताकि वे अपनी कमजोरी दूर कर सकें।

45 दिन बाद दोबारा होगी परीक्षा

शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन विद्यार्थियों के न्यूनतम अंक नहीं आएंगे, उन्हें 45 दिनों तक विशेष कक्षाओं (स्पेशल क्लासेस) के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसके बाद उस विषय की दोबारा परीक्षा ली जाएगी। यह व्यवस्था सप्लीमेंट्री परीक्षा की तरह होगी। यदि पुनः परीक्षा में छात्र 32 या उससे अधिक अंक प्राप्त कर लेता है, तो उसे कक्षा 6 में प्रवेश दे दिया जाएगा। वहीं दूसरी बार भी न्यूनतम अंक हासिल नहीं करने पर छात्र को फेल घोषित किया जाएगा।

स्कूलों की जवाबदेही तय होगी

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस नए नियम से स्कूलों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यदि किसी निजी स्कूल में 5वीं कक्षा का छात्र फेल होता है, तो उसके लिए स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा कि छात्र क्यों असफल हुआ। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता और शिक्षण व्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ेगी और बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत होगी, ताकि आगे की कक्षाओं में उन्हें किसी तरह की शैक्षणिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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