Friday, 06 February 2026

खेजड़ी बचाओ आंदोलन: बीकानेर में अनशन तुड़वाने के बाद फिर भड़के आंदोलनकारी, पूरे राजस्थान में कटाई पर रोक की मांग


खेजड़ी बचाओ आंदोलन: बीकानेर में अनशन तुड़वाने के बाद फिर भड़के आंदोलनकारी, पूरे राजस्थान में कटाई पर रोक की मांग

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बीकानेर। बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन के चौथे दिन गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब मंत्री केके विश्नोई ने अनशन पर बैठे संतों और आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाने की कोशिश की। हालांकि जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि सरकार का आदेश केवल जोधपुर और बीकानेर संभाग तक ही खेजड़ी की कटाई पर रोक से संबंधित है, आंदोलनकारी भड़क गए और कुछ ही देर बाद फिर से अनशन पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक पूरे राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

आंदोलन की अगुवाई कर रहे परसराम विश्नोई ने स्पष्ट किया कि अनशन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि संतों और समाज की भावना थी कि खेजड़ी राज्यभर में संरक्षित की जाए। जो आदेश आया है, वह अधूरा है और इसलिए आमरण अनशन अभी भी जारी है। संतों का कहना है कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि आस्था और जीवन से जुड़ा विषय है, ऐसे में आधे-अधूरे निर्णय स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

इससे पहले गुरुवार सुबह करीब 11 बजे कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई अनशन स्थल बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे। मंच से मंत्री ने अनशन तोड़ने की अपील करते हुए कहा कि सरकार लिखित में आश्वासन देने को तैयार है। हालांकि संतों ने बिना लिखित आश्वासन के अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया। इसी दौरान संत सरजूदास ने मंत्री की बात बीच में रोकते हुए कहा कि इधर-उधर की बातें न करें और साफ बताएं कि लिखित आश्वासन मिलेगा या नहीं।

फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई द्वारा अनशन तोड़ने की अपील के दौरान दिया गया एक बयान आंदोलनकारियों को और ज्यादा नाराज कर गया। उन्होंने कहा कि अगर किसी की जान को नुकसान हुआ तो सबकी बदनामी होगी। इस पर आंदोलनकारी भड़क गए और उन्हें मंच से बैठ जाने को कह दिया। माहौल इतना गरमा गया कि अनशन फिर से तेज हो गया।

इधर, विधानसभा में भजनलाल शर्मा ने खेजड़ी संरक्षण को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेजड़ी के संरक्षण के लिए अलग से कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बावजूद आंदोलनकारी लिखित आदेश और पूरे राजस्थान में रोक की मांग पर अड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि यह अनशन 2 फरवरी से बीकानेर के कलेक्ट्रेट के पास पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में शुरू हुआ था। उसी रात आंदोलनकारी बिश्नोई धर्मशाला पहुंच गए थे, जहां अब अनशन जारी है। बुधवार देर रात चार अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्थायी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चौथे दिन भी हालात पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं और आंदोलन जारी है।

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