Friday, 06 February 2026

राजस्थान में हाईवे किनारे बने अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद 75 मीटर क्षेत्र खाली कराने की तैयारी


राजस्थान में हाईवे किनारे बने अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद 75 मीटर क्षेत्र खाली कराने की तैयारी

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जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बने अवैध निर्माणों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद नेशनल हाईवे के मीडियन (बीचो-बीच) से दोनों ओर 75 मीटर की सीमा में आने वाले अवैध होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस दायरे में आने वाले सभी अवैध स्ट्रक्चरों को पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और तय समय सीमा के बाद उन्हें हटाया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने पिछले महीने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में हाईवे सीमा के भीतर आने वाले अवैध निर्माणों की पहचान करें और उन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह आदेश हिम्मत सिंह गहलोत बनाम राजस्थान सरकार मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया था।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि हाईवे के आसपास अनियंत्रित और अवैध निर्माणों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाईवे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 75 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार के आवासीय या व्यावसायिक निर्माण को अवैध माना जाएगा।

PWD द्वारा जारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि नेशनल हाईवे के सेंटर पॉइंट से 75 मीटर तक की दूरी में बने सभी अवैध ढांचे—चाहे वे होटल हों, ढाबे, दुकानें, सर्विस सेंटर या अन्य भवन—हटाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि हाईवे किनारे बेतरतीब शहरीकरण और अतिक्रमण के कारण सड़क चौड़ीकरण, सर्विस रोड और फ्लाईओवर जैसे विकास कार्य लंबे समय से प्रभावित हो रहे थे।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी नगर निकाय या पंचायत ने हाईवे नियमों के विपरीत किसी निर्माण को अनुमति दी है, तो ऐसी अनुमति अमान्य मानी जाएगी। कोर्ट का साफ संदेश है—“सेफ्टी ओवर प्रॉपर्टी”, यानी संपत्ति से अधिक महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा है। आने वाले दिनों में इस आदेश के तहत प्रदेशभर में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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