Tuesday, 17 March 2026

गिव अप अभियान’ बना त्याग और सामाजिक सरोकार का उदाहरण, 54 लाख से अधिक संपन्नों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 73 लाख वंचित को मिला लाभ: सुमित गोदारा


गिव अप अभियान’ बना त्याग और सामाजिक सरोकार का उदाहरण, 54 लाख से अधिक संपन्नों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 73 लाख वंचित को मिला लाभ: सुमित गोदारा

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जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘गिव अप अभियान’ सहित विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ गिव अप अभियान प्रदेशवासियों की त्याग भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। इस अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर में 54.36 लाख से अधिक संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 28 फरवरी को अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद जो अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से गिव अप नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोदारा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कोई भी पात्र छूटे नहीं” के संकल्प को ध्येयवाक्य मानते हुए तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुरूप यह अभियान चलाया गया, जिसे प्रदेश की जनता से व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग थी, जो पूरी हो जाने के कारण नए पात्रों को सूची में शामिल करने की जगह नहीं बन पा रही थी। गिव अप अभियान के तहत अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ने तथा लगभग 27 लाख एनएफएसए लाभार्थियों द्वारा ई-केवाईसी नहीं कराने से कुल 81 लाख रिक्तियां बनीं, जो वर्तमान लाभार्थियों का लगभग 18.6 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री द्वारा 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः प्रारंभ किए जाने के बाद अब तक करीब 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। मंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित 32वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने भी राजस्थान में संचालित गिव अप अभियान की सराहना की है।

जयपुर जिले में सर्वाधिक वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोदारा ने बताया कि जयपुर में 3.17 लाख पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़ा गया, जबकि बाड़मेर (3.07 लाख) और सीकर (3.04 लाख) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में राज्य में 4.35 करोड़ लाभार्थी खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल हैं और इसके बावजूद लगभग 11 लाख रिक्तियां आज भी मौजूद हैं। इस स्थिति के साथ राजस्थान देश का एकमात्र राज्य बन गया है जहां एनएफएसए में इतनी रिक्तियां उपलब्ध हैं और इन्हें भरने के लिए लगातार आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोदारा ने बताया कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही जोड़ने के उद्देश्य से विभागीय अधिकारी प्रत्येक माह 8 दिन फील्ड विजिट कर रहे हैं। नए आवेदनों की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे सूची का शुद्धिकरण हो सके। प्रक्रिया को सरल बनाते हुए जिला कलेक्टरों को भी वंचित पात्रों को एनएफएसए में जोड़ने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जयपुर, बीकानेर और भरतपुर जिलों में जल्द ही अनाज एटीएम भी शुरू किए जाएंगे।

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