



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्य सरकार ने सामाजिक सद्भाव, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसले लिए। मंत्रिमंडल ने अशांत क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों और किरायेदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेंट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दी। यह विधेयक जनसंख्या असंतुलन और साम्प्रदायिक तनाव की परिस्थितियों में स्थायी निवासियों को मजबूरी में संपत्ति बेचने से रोकने तथा किरायेदारों को बेदखली से सुरक्षा देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
कैबिनेट ने राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी–2025 को भी मंजूरी दी, जिससे राज्य को एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण का प्रमुख हब बनाने की दिशा में गति मिलेगी। नीति के तहत लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को निवेश अनुदान, पूंजीगत प्रोत्साहन, टर्नओवर-लिंक्ड इंसेंटिव, रोजगार बूस्टर, सनराइज/एंकर/थ्रस्ट बूस्टर, भूमि भुगतान में राहत, ऑफिस स्पेस लीज रेंटल सब्सिडी, बिजली-मंडी-स्टाम्प शुल्क में छूट जैसे व्यापक लाभ दिए जाएंगे। इससे एमएसएमई, स्टार्टअप्स, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, एमआरओ और उच्च-तकनीकी इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही राज्य की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2025 को मंजूरी दी गई, जिसका लक्ष्य सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग, फैबलेस इकोसिस्टम और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करना है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प/रूपांतरण शुल्क में राहत, केंद्र की पूंजी सब्सिडी के समतुल्य राज्य अनुदान, ब्याज अनुदान और पर्यावरणीय प्रोत्साहन मिलेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में सौर परियोजनाओं हेतु बीकानेर और जैसलमेर में भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई। प्रशासनिक सुधारों के तहत आरपीएससी (राजपत्रित स्टाफ) सेवा नियम एवं विनियम, 1991 तथा राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिसमें बाल विवाह में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई का प्रावधान शामिल है।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविर और बसंत पंचमी पर प्रदेशभर में मेगा पीटीएम के आयोजन पर भी मंत्रिपरिषद में सहमति बनी।