



जयपुर। प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) ने 50 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बसों की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि ये बसें केंद्र की ‘पीएम ई-बस सेवा’ योजना से अलग होंगी और इनका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
योजना के अनुसार, इन 50 बसों में से 30 बसें जयपुर, जबकि 10-10 बसें जोधपुर और उदयपुर को मिलेंगी। जयपुर में इन बसों को प्रमुख मार्गों और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए चलाया जाएगा। JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, दीपावली 2026 तक इन बसों की पहली खेप मिलने की उम्मीद है, ताकि सर्दियों के पर्यटन सीजन से पहले इन्हें सड़कों पर उतारा जा सके।
इन बसों का उद्देश्य केवल परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना ही नहीं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। प्रस्तावित रूट ऐसे होंगे जो शहरों के प्रमुख पर्यटन स्थलों—जैसे आमेर किला, मेहरानगढ़ किला और सिटी पैलेस—को जोड़ेंगे। साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों के बीच सीधी कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जाएगी। डबल डेकर बसों के जरिए यात्रियों को शहर का पैनोरमिक व्यू मिलेगा, जो खासकर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
जयपुर के कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत 25 बस कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। हालांकि, इन बसों को शुरू करने से पहले प्रशासन फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, अंडरपास और हाइट बैरियर की जांच कर रहा है, ताकि बसों के संचालन में कोई बाधा न आए।
ये सभी बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य रहेगा। सरकार का यह कदम ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ और नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शहरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण कम होगा तथा नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।