



जयपुर। लंबे समय से विवादों में घिरे जयपुरिया अस्पताल और राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (आरयूएचएस) अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेश मंगल को आखिरकार राज्य सरकार ने पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर नए अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह कार्रवाई प्रमुख शासन सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और उसके बाद सामने आई गंभीर शिकायतों के बाद की गई है।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने हाल ही में जयपुरिया अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल में अव्यवस्थाएं, प्रशासनिक लापरवाही और स्टाफ से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई थीं। निरीक्षण के दौरान नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के कई सदस्यों ने डॉ. महेश मंगल के व्यवहार को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई थीं। इसके बाद अस्पताल परिसर में ही आयोजित बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और अस्पताल की बिगड़ती कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई थी।
इसी क्रम में शुक्रवार को आरयूएचएस प्रशासन ने आदेश जारी कर डॉ. महेश मंगल को दोनों पदों से हटा दिया। उल्लेखनीय है कि जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक रहते हुए मौजूदा सरकार ने ही उन्हें आरयूएचएस अस्पताल के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा था, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण में उजागर हुई खामियों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
आरयूएचएस के कुलगुरु द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, ऑर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अनिल गुप्ता को आरयूएचएस अस्पताल के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जयपुरिया अस्पताल में पहले से अतिरिक्त अधीक्षक के पद पर कार्यरत डॉ. राजाराम बासीरा को जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज दिया है।
सरकार के इस फैसले को अस्पतालों में प्रशासनिक सुधार और कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।