



जोधपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उत्पादन क्षमता बढ़ाना, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग और स्वभाषा का प्रयोग सबसे अहम कड़ियाँ हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज़ी से प्रगति कर रहा है और शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। वे जोधपुर के पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों की शक्ति से समाज और देश दोनों मजबूत होते हैं तथा माहेश्वरी समाज ने सेवा, उद्योग और राष्ट्रहित के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाया है।
अमित शाह ने कहा कि भाषा समाज, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखती है, इसलिए परिवार और समाज में स्वभाषा में संवाद को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने 2047 में आज़ादी के शताब्दी वर्ष तक भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के संकल्प को साझा करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश की अर्थव्यवस्था 11वें से चौथे स्थान तक पहुंची है और निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल निर्माण, स्टार्टअप, दवाइयों और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने माहेश्वरी समाज के उद्योग, व्यापार और तकनीक में योगदान की सराहना करते हुए माहेश्वरी ग्लोबल एक्सपो को आर्थिक मजबूती का माध्यम बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में माहेश्वरी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। नवाचार, तकनीक और उद्यमशीलता के साथ सामाजिक समरसता से समाज के हर वर्ग में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सेवा, त्याग और सदाचार माहेश्वरी समाज की पहचान है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति को देश की सुरक्षा के लिए निर्णायक बताया।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा। अमित शाह ने माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट जारी किया तथा माहेश्वरी गौरव ग्रंथ, जैविक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन और अपना घर आश्रम के प्रथम चरण का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।