



जिले में महिला कॉन्स्टेबल से गैंगरेप का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने तत्कालीन SHO समेत चार पुलिसकर्मियों पर 2017 से 2025 के बीच डराने-धमकाने और नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद बुधवार को सिद्धमुख थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उसी दिन पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
जानकारी के अनुसार, महिला कॉन्स्टेबल ने करीब दो सप्ताह पहले एसपी जय यादव को शिकायत दी थी। एसपी के निर्देश पर एक वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई गई। जांच में आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया।
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2017 में उसकी ड्यूटी सरदारशहर में थी। उस दौरान बीकानेर से बिजली विभाग की टीम कार्रवाई के लिए आई थी, जिसके साथ विक्की नाम का युवक भी था। बातचीत के दौरान उसे लगा कि विक्की बिजली विभाग से जुड़ा है, लेकिन बाद में पता चला कि वह विभाग का कर्मचारी नहीं था।
होटल ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, एक अन्य मौके पर जब उसकी जगह किसी दूसरी महिला कॉन्स्टेबल की ड्यूटी थी, तब आरोपियों में से एक कॉन्स्टेबल ने फोन कर उसे ड्यूटी पर बुलाया। वह सुबह करीब 3:30 बजे थाने पहुंची, जहां से विक्की और एक कॉन्स्टेबल उसे होटल ले गए और नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया गया।
महिला कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि तत्कालीन SHO उसे नियमित रूप से क्वार्टर पर बुलाता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था। इसके अलावा चार अन्य पुलिसकर्मियों पर भी दुष्कर्म के आरोप लगाए गए हैं।
एसपी का बयान
चूरू एसपी जय यादव ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता सात साल पुराने घटनाक्रम को लेकर अब सामने आई है। वह पिछले दो महीनों से अनुपस्थित चल रही है और आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोपों के चलते निलंबित भी है। ऐसे में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।