



जयपुर। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी—जी रामजी)’ के नाम को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को योजनाओं से नहीं, बल्कि राम नाम से ही आपत्ति है। भाजपा ने रोजगार और आजीविका मिशन में ‘विकसित भारत’ जोड़ते हुए नया कानून बनाया है, जिस पर आपत्ति करना पूरी तरह अनुचित है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में करीब 600 योजनाओं के नाम बदले और गांधी-नेहरू परिवार के नाम जोड़कर योजनाएं चलाईं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को जवाहर रोजगार योजना, फिर नरेगा और मनरेगा किया गया। इसी तरह ग्रामीण आवास योजना को इंदिरा आवास योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना नाम दिया गया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी योजना का नाम अपने या किसी व्यक्ति के नाम पर न रखकर सेवा, संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ा है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस सांसदों द्वारा सांसद निधि (MPLADS) का उपयोग हरियाणा में अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के आरोपों पर कहा कि यह अपने क्षेत्र की जनता के साथ धोखाधड़ी है। सांसद निधि का उद्देश्य जनता को राहत देना है, न कि राजनीतिक कृपा प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने निधि का बेजा इस्तेमाल कर जनता के अधिकारों के साथ अन्याय किया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि ‘वीबी—जी रामजी’ के तहत अब 125 दिन की रोजगार गारंटी दी जाएगी, जबकि पहले 100 दिन का प्रावधान था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कई काम केवल कागजों में होते थे या बिना जरूरत के कराए जाते थे। अब ग्राम सभा गांव की आवश्यकताओं के अनुसार कार्य तय करेगी, जिनमें जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका संरचना और आपदा प्रबंधन से जुड़े काम शामिल होंगे। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचेगा।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजीव गांधी स्वयं स्वीकार कर चुके थे कि केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही जनता तक पहुंचते थे। ऐसे में जो लोग गरीब के हक के 85 पैसे खाने के आदी थे, वही आज हाय-तौबा मचा रहे हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री ने खुद स्वीकार किया था कि बाड़मेर और नागौर में मनरेगा में 300 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी मस्टरोल और भुगतान में अनियमितताओं की 11 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज इन तथ्यों को भूल गई है और केवल नाम को लेकर राजनीति कर रही है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि नए कानून में सामाजिक ऑडिट अनिवार्य होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग और एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। श्रमिकों का भुगतान 15 दिनों में अनिवार्य होगा और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल गरीब को रोजगार मिलेगा, बल्कि विकसित ग्राम पंचायतों के जरिए विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।