



जयपुर। विधायक निधि (MLA फंड) में कमीशन मांगने के आरोपों को लेकर खींवसर (नागौर) से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना (भरतपुर) से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत मंगलवार को बारी-बारी से राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति (एथिक्स कमेटी) के सामने पेश हुए। तीनों विधायकों ने अपने बयान दर्ज कराए और खुद को निर्दोष बताते हुए अपने पक्ष में दस्तावेज समिति को सौंपे।
समिति इन दस्तावेजों का परीक्षण करेगी और आवश्यकता पड़ने पर तीनों विधायकों को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है। इससे पहले भी 19 दिसंबर 2025 को समिति ने इन विधायकों से पूछताछ की थी।
तीनों विधायकों के बयान दर्ज,“विधिक राय लेने के बाद ही आगे का निर्णय : कैलाश चंद वर्मा
सदाचार समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद वर्मा ने बताया कि तीनों विधायकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। “विधिक राय लेने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। समिति अपने स्तर पर भी तथ्यों को जुटा रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद स्पीकर के समक्ष पेश की जाएगी,” उन्होंने कहा। वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल विधायकों द्वारा रखी गई बातों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ऋतु बनावत, दोपहर करीब 12 बजे अनीता जाटव और इसके बाद रेवंतराम डांगा विधानसभा पहुंचे। रेवंतराम डांगा समिति के समक्ष पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत किए बिना ही निकल गए।
इधर, सदाचार समिति की बैठकों से जुड़े फैसलों और चर्चाओं के सार्वजनिक होने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं और नियमों के खिलाफ बताया। जूली के अनुसार, स्पीकर ने अब सभी समितियों को इस संबंध में पाबंद कर दिया है।
समिति अध्यक्ष ने कहा कि प्रकरण में कई पेचीदगियां हैं और नियमों के गहन अध्ययन के बाद ही अंतिम निर्णय तक पहुंचा जाएगा। संबंधित विधायकों के क्षेत्रों में सरकारी एजेंसियों द्वारा भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। इन सभी पहलुओं के आधार पर उचित समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।