



केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर ग्रामीण के एसपी पद पर तैनात आईपीएस अफसर नारायण टोगस के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। यह चिट्ठी 13 सितंबर को भेजी गई थी, जो अब सार्वजनिक हुई है। पत्र में आईपीएस अधिकारी पर गंभीर लापरवाही और जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता के आरोप लगाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने पत्र में लिखा कि उनके संसदीय क्षेत्र जोधपुर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ी बैठकों के लिए एसपी ग्रामीण नारायण टोगस को कई बार आमंत्रित किया गया, लेकिन वे न तो बैठकों में शामिल हुए और न ही किसी प्रकार की सूचना दी। बिना सूचना बैठक में अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही है। पत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश, फिर भी कोई एक्शन नहीं
मुख्यमंत्री को भेजी गई चिट्ठी में आईपीएस अफसर नारायण टोगस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की गई थी। यह पत्र 18 सितंबर को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त हुआ, जिसके जवाब में 23 सितंबर को सीएम की ओर से सूचित किया गया कि संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है। हालांकि, इसके बावजूद 100 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और आईपीएस अधिकारी अपने पद पर बने हुए हैं।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
आईपीएस अफसर नारायण टोगस ने 24 जुलाई को जोधपुर ग्रामीण एसपी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने चिट्ठी भेजे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
इससे पहले उदयपुर से भाजपा सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने भी जिला कलेक्टर के रवैये को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन उस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा की एक कार्यशाला में अधिकारियों के रवैये पर चिंता जताते हुए कहा था कि अफसरों को पार्टी कार्यकर्ताओं की बात सुननी चाहिए।
विपक्ष का सरकार पर हमला
इन मामलों को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि मौजूदा सरकार में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुनी जा रही है और अफसरशाही हावी हो गई है। विपक्ष इन मुद्दों को कानून व्यवस्था और आम जनता की समस्याओं से जोड़ते हुए सरकार को लगातार घेर रहा है।