Friday, 20 March 2026

राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था: कक्षा 1 से 5 तक स्कूल बैग का भार घटेगा, ‘माय करियर एडवाइजर’ एप से मिलेगी सही करियर दिशा


राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था: कक्षा 1 से 5 तक स्कूल बैग का भार घटेगा, ‘माय करियर एडवाइजर’ एप से मिलेगी सही करियर दिशा

जयपुर। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थियों की जरूरतों और क्षमताओं के अनुरूप ढालने के लिए राजस्थान शिक्षा विभाग ने दो महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए हैं। एक ओर सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले बच्चों के स्कूल बैग का भार कम करने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों को भविष्य की सही दिशा दिखाने के लिए ‘माय करियर एडवाइजर’ मोबाइल एप लॉन्च किया गया है। ये दोनों फैसले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लिए गए हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों पर शैक्षणिक बोझ कम करना, उनकी सीखने की क्षमता बढ़ाना और करियर को लेकर जागरूकता विकसित करना है।

दो चरणों में मिलेंगी किताबें, 50% तक घटेगा बैग का वजन

शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि सत्र 2026-27 से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें दो चरणों में वितरित की जाएंगी। इससे बच्चों के स्कूल बैग का वजन मौजूदा स्थिति की तुलना में करीब 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सीमित संख्या में किताबें होने से बच्चों पर अनावश्यक शारीरिक दबाव नहीं पड़ेगा और इसका सकारात्मक असर उनके स्वास्थ्य व पढ़ाई में रुचि पर दिखाई देगा। भारी स्कूल बैग की समस्या लंबे समय से अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चिंता का विषय रही है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

2027-28 से तिमाही आधार पर किताबें, सिर्फ 25% रहेगा भार

स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि सत्र 2027-28 से पाठ्यपुस्तकों का आवंटन तिमाही आधार पर किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विद्यार्थियों के बैग का भार और अधिक घटकर वर्तमान का लगभग 25 प्रतिशत रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल पढ़ाई को बच्चों के लिए बोझ नहीं, बल्कि आनंददायक अनुभव बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

‘माय करियर एडवाइजर’ एप से मिलेगी पर्सनलाइज्ड गाइडेंस

इसी के साथ शिक्षा विभाग ने ‘माय करियर एडवाइजर’ मोबाइल एप लॉन्च किया है। यह आधुनिक और एआई-आधारित एप कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों, अभिभावकों और काउंसलर्स के लिए तैयार किया गया है। एप के माध्यम से छात्र एप्टीट्यूड, इंटरेस्ट और वैल्यूज टेस्ट के जरिए सेल्फ-रिव्यू कर सकेंगे और अपनी रुचि, योग्यता व कौशल के अनुसार पर्सनलाइज्ड करियर गाइडेंस प्राप्त करेंगे।

इस एप में कॉलेज डिग्री के विकल्पों के साथ-साथ बिना डिग्री वाले जॉब विकल्प भी शामिल किए गए हैं। ‘माय करियर एडवाइजर’ पर 1500 से अधिक करियर विकल्पों और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है, जिससे विद्यार्थियों को सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

बाल-केंद्रित शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम

शिक्षा विभाग का यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें बच्चों पर अनावश्यक शैक्षणिक दबाव कम कर समग्र, लचीली और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। माना जा रहा है कि इन पहलों से राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माहौल और अधिक सकारात्मक, स्वास्थ्यवर्धक और प्रभावी बनेगा।

    Previous
    Next

    Related Posts