


रेल मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 12249/12250 शकूरबस्ती–जैसलमेर एक्सप्रेस का नाम बदलते हुए अब इसे ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’ करने का फैसला लिया है। यह बदलाव 2 दिसंबर 2025 से प्रभावी कर दिया गया है। नया नाम जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान “स्वर्ण नगरी” से प्रेरित है, ताकि रेलवे नेटवर्क पर भी शहर की सांस्कृतिक और विरासतपूर्ण छवि को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जा सके।
रेलवे बोर्ड के आदेश (संख्या 2025/CHG/36/04, दिनांक 2 दिसंबर 2025) में उत्तर रेलवे (नई दिल्ली) और उत्तर पश्चिम रेलवे (जयपुर) को निर्देश दिए गए हैं कि नए नाम के अनुरूप सभी तकनीकी, परिचालन और सूचना प्रणाली से जुड़े दस्तावेजों को तुरंत अपडेट किया जाए। इसके तहत समय–सारिणी, परिचालन रिकॉर्ड, कोच इंडेक्स, स्टेशन डिस्प्ले, टिकटिंग सिस्टम और यात्रियों को जारी सूचना सामग्री को नए नाम से बदला जाएगा, ताकि बदलाव बिना किसी व्यवधान के लागू हो सके।
जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के नए नाम का औपचारिक उद्घाटन किया और हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। उन्होंने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली–जैसलमेर कनेक्टिविटी को मजबूत करना है, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों को जैसलमेर तक पहुंचने में अधिक सुविधा मिलेगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी सीधे तौर पर जैसलमेर के पर्यटन उद्योग को गति देगी, जिसका लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
ट्रेन का नाम बदलने पर रेल मंत्री ने कहा कि जो बोला वो किया। यात्रियों और जैसलमेर के लोगों की मांग को सम्मान देते हुए ट्रेन को नया नाम दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे यात्रियों की राय और क्षेत्रीय पहचान को हमेशा प्राथमिकता देता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’ नाम न केवल जैसलमेर की पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि यात्रियों को भी शहर की संस्कृति, कला और स्वर्णिम विरासत के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव कराएगा। रेलवे प्रशासन को विश्वास है कि इस बदलाव से ट्रेन की लोकप्रियता और जैसलमेर के लिए यात्री संख्या में वृद्धि होगी।