



अहमदाबाद/सांचौर। अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर निवासी दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अहमदाबाद के वाडज इलाके में स्थित एक किराए के मकान पर छापेमारी की, जहां से 35.77 लाख रुपए मूल्य की मेथाम्फेटामाइन (MD) ड्रग्स बरामद की गई।
अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच के एसीपी भरत पटेल के नेतृत्व में टीम ने वाडज क्षेत्र के अखबार नगर सर्कल के पास बने मकान पर कार्रवाई की। यहां से कमलेश बिश्नोई (28) और उसकी पत्नी राजेश्वरी बिश्नोई (24) को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान पुलिस को 357-358 ग्राम एमडी ड्रग्स, डिजिटल वजन मशीन, प्लास्टिक जिप बैग और पैकिंग सामग्री मिली।
पुलिस को आशंका है कि यह मकान पिछले लंबे समय से ड्रग्स सप्लाई के अड्डे के रूप में इस्तेमाल हो रहा था।
जांच में खुलासा हुआ है कि राजेश्वरी का ममेरा भाई सुभाष गोदारा, निवासी कांटोल (सांचौर), इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। सुभाष ने तेज मुनाफे का लालच देकर दंपती को इस अवैध धंधे में शामिल किया।
पुलिस के अनुसार, पिछले पांच महीनों में राजेश्वरी 4–5 बार राजस्थान से अहमदाबाद MD ड्रग्स पहुंचा चुकी है और स्थानीय पैडलर्स को सप्लाई करती थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुभाष उत्तर प्रदेश के लखनऊ से ड्रग्स खरीदता था। वहां से माल पहले राजस्थान के सांचौर आता और फिर गुजरात में सप्लाई किया जाता था।
सुभाष कई सप्लायरों को ड्रग्स उपलब्ध कराता था। दंपती को माल वह बिना भुगतान देता था और बिक्री के बाद रकम वसूलता था।
पुलिस के अनुसार, राजेश्वरी बीएड तक शिक्षित है और दंपती का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। तेज पैसे कमाने की चाहत में वह इस गोरखधंधे में शामिल हुई।
रैकेट का मुख्य सरगना सुभाष गोदारा फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया है। क्राइम ब्रांच का मानना है कि यह नेटवर्क यूपी, राजस्थान और गुजरात तक फैला है और कई लोग इससे जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार दंपती के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।