



जयपुर। राजस्थान में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और भीलवाड़ा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक ट्रक कंटेनर से 304 किलो 700 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया, जिसकी बाजार कीमत करीब 45.75 लाख रुपए आंकी गई है। यह खेप ग्रेनाइट की बिल्टी की आड़ में तस्करी की जा रही थी। मौके से बीकानेर निवासी दो तस्कर भाई—पूरणा राम लेघा (40) और देवेंद्र उर्फ देवा (21) को गिरफ्तार किया गया है।
सख्त निर्देशन एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन और एएसपी सिद्धार्थ शर्मा की मॉनिटरिंग में यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। कांस्टेबल विजय सिंह और गोपाल धाबाई से मिली गुप्त जानकारी पर इंस्पेक्टर राम सिंह नाथावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सूचना की पुष्टि करने के बाद गुलाबपुरा थाना पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश करते संदिग्ध ट्रक को 29 मील चौराहा पुलिया पर घेराबंदी कर रोका गया। ट्रक की तलाशी में छिपाए गए 15 कट्टों से भारी मात्रा में अवैध डोडा-चूरा बरामद हुआ।
प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। दोनों आरोपी आंध्र प्रदेश के मातूर से ग्रेनाइट लेकर पंजाब जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने मध्य प्रदेश के जावर क्षेत्र से डोडा पोस्त की यह खेप उठाई। उन्हें यह माल बीकानेर के अर्जुनसर गांव में मौजूद तस्कर देवाराम उर्फ भानू को सौंपना था, जो कार या कैंपर से माल लेने पहुंचता। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे पूर्व में भी 3–4 बार ऐसे मादक पदार्थों की तस्करी कर चुके हैं।
इस कार्रवाई में एएसपी सिद्धार्थ शर्मा, इंस्पेक्टर राम सिंह, कांस्टेबल विजय सिंह, गोपाल धाबाई, हेड कांस्टेबल महावीर सिंह, जितेंद्र, एसआई प्रताप सिंह, बनवारी लाल शर्मा, हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, हेमंत शर्मा, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, गंगाराम और चालक दिनेश शर्मा का सराहनीय योगदान रहा। फिलहाल दोनों तस्करों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं।