Saturday, 28 February 2026

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में राजस्थान की बड़ी पहल: ‘मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान’ से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था की सूरत


राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में राजस्थान की बड़ी पहल: ‘मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान’ से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था की सूरत
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)–2020 को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य ने देश में पहली बार राजकीय विद्यालयों में ‘मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान’ (MSRA) की शुरुआत कर शिक्षा सुधारों का एक व्यापक मॉडल पेश किया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ 29 मार्च 2025 को Rajasthan Day सप्ताह में किया गया था। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग और रोजगारोन्मुखी सीख को बढ़ावा देना है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया गया यह अभियान स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, समय पर पाठ्यसामग्री व गणवेश वितरण, डिजिटल प्रगति निगरानी, नैतिक मूल्यों का संवर्धन और शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने जैसे लक्ष्यों पर केंद्रित है। विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए AI आधारित ORF द्वारा वर्गीकरण कर ‘प्रखर 2.0’ के तहत रीडिंग रेमेडिएशन की व्यवस्था भी की गई है।
अभियान में मेगा PTM एक महत्वपूर्ण पहल है, जो अभिभावकों और शिक्षकों को एक मंच पर लाकर बच्चों की प्रगति, व्यक्तिगत जरूरतों और समस्याओं पर बेहतर संवाद सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही ‘स्कूल ऑन व्हील’ के माध्यम से घुमन्तू व अर्द्ध-घुमन्तू परिवारों के बच्चों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

4 प्रमुख घटक, 41 प्रमुख कार्य—शिक्षा सुधार का राजस्थान मॉडल: सरकार ने इस अभियान के लिए 4 घटक निर्धारित किए हैं—विद्यार्थी, विद्यालय, शिक्षक और शैक्षणिक परिणाम।
इन घटकों के अंतर्गत कुल 41 कार्य तय किए गए हैं:

1. विद्यार्थी केंद्रित कार्य (8 कार्य)

  • ऐप आधारित उपस्थिति
  • सत्र आरंभ में किताबें, गणवेश और प्रोत्साहन राशि वितरण
  • रीडिंग कैंपेन
  • नियमित मेगा PTM
  • महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग पढ़ाना
  • ‘स्कूल ऑन व्हील’
  • पेपरलेस डिजिटल स्वास्थ्य सर्वे

2. विद्यालय केंद्रित कार्य

  • शून्य नामांकन वाले स्कूलों का एकीकरण
  • बुनियादी सुविधाओं वाले स्कूलों को मेंटर स्कूल बनाना
  • ICT लैब आधारित वैकल्पिक शिक्षण
  • शिक्षक परिणाम सुधार वाले स्कूलों का सम्मान
  • नए विद्यालय खोलने से पूर्व स्टाफ उपलब्धता सुनिश्चित करना
  • बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट

3. शिक्षक केंद्रित कार्य

  • शिक्षकों का समानीकरण
  • बेहतर प्रदर्शन पर इच्छित स्थान पर स्थानांतरण
  • तकनीकी प्रणाली का विकास
  • AI चैटबॉट आधारित डेटा विश्लेषण
  • ऑनलाइन उपस्थिति व समयबद्ध पदोन्नति

4. शैक्षणिक परिणाम उन्नयन कार्य

  • नई अकादमिक संरचना
  • प्रारंभिक कक्षाओं में मातृभाषा में पढ़ाई
  • आंगनबाड़ी-स्कूल समन्वय
  • दक्षता आधारित आकलन
  • व्यावसायिक व कौशल आधारित पाठ्यक्रम
  • डिजिटल शिक्षा की निरंतरता
  • विज्ञान संकाय और कंप्यूटर शिक्षा की उपलब्धता

राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था की सूरत बदलने की तैयारी

यह अभियान स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाएगा। बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी, शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन मिलेंगे, प्रधानाचार्यों और SMC की सक्रिय भागीदारी से स्कूल प्रबंधन मजबूत होगा, जबकि समुदाय के जुड़ाव से शिक्षा एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेगी। इससे नामांकन व उपस्थिति बढ़ेगी, ड्रॉपआउट दर घटेगी और दूरस्थ व वंचित वर्गों तक शिक्षा की पहुंच और सुदृढ़ होगी।
Previous
Next

Related Posts