



राज्य के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार लगातार सशक्त प्रयास कर रही है। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने शुक्रवार को पंत कृषि भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है और जिन जिलों में अस्थायी कमी की स्थिति बनी है, वहां तत्काल प्रभाव से पूर्ति करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष समय पर हुई बारिश और भूमि में बढ़ी नमी के कारण बुवाई में तेजी आई है। 26 नवम्बर तक पिछले वर्ष की तुलना में 9 लाख हैक्टेयर अधिक क्षेत्र में बुवाई पूरी की जा चुकी है। रबी सीजन के पहले दो महीनों में 7.53 लाख मैट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 9.15 लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवाई जा चुकी है, जो मांग से लगभग 29 प्रतिशत अधिक है।
मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदने की प्रवृत्ति भी मांग बढ़ने का एक प्रमुख कारण है, लेकिन राज्य सरकार ने आपूर्ति में कोई कमी नहीं रखी है। उन्होंने बताया कि डीएपी की औसत आपूर्ति 2.53 लाख मैट्रिक टन कराई गई है, जो पूर्व सरकार के पांच वर्षीय औसत से अधिक है।
डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि उर्वरकों की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर बिक्री केंद्र पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और टोकन सिस्टम के माध्यम से किसानों को वितरण किया जा रहा है। बारां, झालावाड़, बूंदी, सवाईमाधोपुर और अलवर जैसे जिलों में मांग से अधिक यूरिया उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि कोटपूतली-बहरोड़ में 8500 मैट्रिक टन डीएपी और 16 हजार मैट्रिक टन यूरिया पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है, जबकि दिसंबर माह के लिए मांग को 3.80 लाख मैट्रिक टन से बढ़ाकर 4.50 लाख मैट्रिक टन करने का अनुरोध केंद्र सरकार को भेजा गया है।
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है — अब तक 90 एफआईआर दर्ज, 98 बिक्री प्राधिकार पत्र निलंबित या निरस्त किए गए हैं और 1069 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।