कैबिनेट बैठक: मुफ्त बिजली, धर्मांतरण पर सख्ती, सीवरेज नीति में संशोधन, शिक्षा क्षेत्र में भर्ती और नगरीय क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों की संख्या दोगुनी करने जैसे बड़े फैसले
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद् की बैठक में आमजन और राज्य के विकास को प्रभावित करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाने, अवैध धर्मांतरण पर कठोर प्रावधानों के साथ नया विधेयक लाने, सीवरेज नीति में संशोधन, शिक्षा क्षेत्र में भर्ती, और नगरीय क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों की संख्या दोगुनी करने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।
150 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली योजना: बैठक में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना को और सशक्त बनाते हुए उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने का निर्णय लिया गया। अब 1 करोड़ 4 लाख पंजीकृत घरेलू उपभोक्ताओं को 150 यूनिट प्रतिमाह तक मुफ्त बिजली मिलेगी।
जिन परिवारों की खपत 150 यूनिट से अधिक है, उनके घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के निःशुल्क सोलर पैनल लगाए जाएंगे।27 लाख परिवारों के लिए यह योजना लागू होगी, जिससे 3,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता पैदा होगी।प्रथम 10 लाख उपभोक्ताओं को प्रोत्साहनस्वरूप 1,100 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे।जिन परिवारों के पास छत उपलब्ध नहीं है, उनके लिए सामुदायिक सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे।
अवैध धर्मांतरण पर कड़ा कानून: राज्य सरकार ने राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 को पुनः विधानसभा में लाने का निर्णय लिया है।इसमें अवैध धर्मांतरण पर 7 से 14 साल तक की सजा और 5 लाख रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है।नाबालिग, महिला, दिव्यांग और एससी/एसटी वर्ग के खिलाफ अपराध करने पर सजा और दंड और अधिक कठोर होंगे।सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इस विधेयक में अपराध को गैर-जमानती और संज्ञेय बनाया गया है।अपराध दोहराने पर आजीवन कारावास और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है।
शहरी विकास: सीवरेज और स्ट्रीट लाइटें: सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन को मंजूरी मिली। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप सभी घरों को सीवरेज से जोड़ना और पुनः उपयोग योग्य जल, खाद एवं गैस तैयार करना है।
शहरी क्षेत्रों में 2 लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी (पहले 1 लाख का लक्ष्य था)। इस पर 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शिक्षा क्षेत्र में 4,724 भर्तियां: राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राज-सेस) के अंतर्गत 374 कॉलेजों में 4,724 संविदा पदों पर भर्ती होगी। इसमें 3,540 शैक्षणिक पद शामिल होंगे, जिनकी भर्ती यूजीसी मानकों के अनुसार NET/SET/SLAT/PhD के आधार पर होगी। इससे कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी और विद्या संबल योजना पर निर्भरता घटेगी।
प्रशासनिक और सेवा नियमों में बदलाव
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के लिए नए सेवा नियम बनाए गए, जिससे नियमित कार्मिकों की भर्ती का मार्ग प्रशस्त होगा।
भू-जल विभाग में अधीक्षण भू-भौतिकविद् और अधीक्षण रसायनज्ञ के नए पद सृजित किए गए।
कारागार विभाग में वरिष्ठ प्रहरी का पद विलोपित किया गया।
सांख्यिकी विभाग में अन्वेषणकर्ता पद का नाम बदलकर सहायक सांख्यिकी अधिकारी किया गया।
बैठक में लिए गए ये फैसले राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा, शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, शहरी आधारभूत ढांचे के विस्तार और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।