जयपुर। राजस्थान सरकार ने शनिवार को कारागार विभाग में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एक साथ 34 अधिकारियों का तबादला और पदोन्नति की गई है। इसमें जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक और जेलर स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। यह पहला मौका है जब इतने बड़े पैमाने पर जेल प्रशासन में बदलाव किया गया है।
मोनिका अग्रवाल – डीआईजी जेल रेंज जयपुर से डीआईजी जेल मुख्यालय जयपुर
सुमन मालीवाल – अधीक्षक सेंट्रल जेल बीकानेर से पदोन्नति पर डीआईजी जेल रेंज जयपुर
राजेन्द्र कुमार – अधीक्षक सेंट्रल जेल कोटा से पदोन्नति पर डीआईजी जेल रेंज उदयपुर
राकेश मोहन शर्मा – अधीक्षक सेंट्रल जेल जयपुर से पदोन्नति पर डीआईजी जेल रेंज जोधपुर
आर. अनंतेश्वर – अधीक्षक सेंट्रल जेल अजमेर
शिवेंद्र कुमार शर्मा – अधीक्षक सेंट्रल जेल अलवर
प्रमोद सिंह – अधीक्षक सेंट्रल जेल जयपुर
भैरु सिंह राठौड़ – अधीक्षक सेंट्रल जेल कोटा
महावीर प्रसाद मीणा – अधीक्षक सेंट्रल जेल श्रीगंगानगर
अभिषेक शर्मा – अधीक्षक सेंट्रल जेल बीकानेर (प्रशासनिक आधार पर)
वैभव भारद्वाज – अधीक्षक जिला जेल जयपुर
निरंजन शर्मा – पदोन्नति पर अधीक्षक जिला जेल झालावाड़
नरेंद्र स्वामी – अधीक्षक जिला जेल चित्तौड़गढ़
योगेश तेज़ी – अधीक्षक जिला जेल हनुमानगढ़
जयवर्धन सिंह – अधीक्षक जिला जेल टोंक
पृथ्वी सिंह कविया – अधीक्षक जिला जेल बारां
पारस मल – अधीक्षक विशेष सेंट्रल जेल श्यालावास
सम्पति – अधीक्षक जिला जेल सवाई माधोपुर
इन्द्र कुमार – अधीक्षक जिला जेल सीकर
सुरेश मीणा – अधीक्षक जिला जेल बांसवाड़ा
सौरभ स्वामी – अधीक्षक जिला जेल प्रतापगढ़
सुमन कुमारी मीणा – अधीक्षक जिला जेल धौलपुर
शैलेन्द्र फौजदार – अधीक्षक जिला जेल भीलवाड़ा
मुक्ति यादुवंशी – उप अधीक्षक जिला जेल दौसा से उप अधीक्षक महिला सुधारगृह जयपुर
सरोज बिश्नोई – जेलर महिला सुधारगृह जयपुर से पदोन्नति पर उप अधीक्षक जेल मुख्यालय जयपुर
जगदीश प्रसाद पूनिया – जेल प्रशिक्षण संस्थान अजमेर
रोहित कौशिक – उप अधीक्षक सेंट्रल जेल कोटा
रमाकांत शर्मा – उप अधीक्षक जेल मुख्यालय जयपुर
राजेश योगी – उप अधीक्षक जिला जेल चूरू
रामकिशन मीणा – उप अधीक्षक जिला जेल करौली
राज महेन्द्र – उप अधीक्षक जिला जेल नागौर
सुमेर सिंह गुर्जर – उप अधीक्षक सेंट्रल जेल जयपुर
श्रीमोहन मीणा – उप अधीक्षक सेंट्रल जेल उदयपुर
विल्सन शर्मा – पदोन्नति पर उप अधीक्षक जेल मुख्यालय जयपुर
इस व्यापक फेरबदल से स्पष्ट है कि राज्य सरकार जेल प्रशासन में कुशलता, पारदर्शिता और सख्त निगरानी सुनिश्चित करना चाहती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े पैमाने पर हुए इन बदलावों का असर जेल व्यवस्था और अपराध नियंत्रण दोनों पर दिखाई देगा।