जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कड़ा पलटवार किया। शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि “अशोक गहलोत को अपनी गिरेबान में झांकने का अभ्यास नहीं है। राजस्थान में जितने भी पाप हुए, वो उनकी ही सरकार में हुए थे। हमने तो उन्हें धोने का काम किया है।”
राठौड़ ने कहा कि जब भी पेपर लीक हुए, वो कांग्रेस की सरकार में हुए। गहलोत सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। जबकि भजनलाल शर्मा सरकार बनने के बाद अब तक कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि 2021 की एसआई भर्ती में हमारी सरकार ने जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, कई अभी भी जेल में हैं। यहां तक कि पूर्व सीएम के अंगरक्षक भी इस मामले में गिरफ्त में आए हैं और आगे भी और लोगों पर कार्रवाई होगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में जो अपराध हुए, वे सीधे तौर पर डोटासरा के कार्यकाल से जुड़े हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह की बयानबाजी करने का कोई हक नहीं है। “सीधे तौर पर डोटासरा भी इन अपराधों का हिस्सा माने जाएंगे।”
राठौड़ ने नई टीम और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कहा कि वायरल हुई सूची केवल प्रपोज लिस्ट थी। “कई बड़े नेता अपने सुझाव देते हैं और उसी आधार पर फाइनल लिस्ट तैयार होती है। जो सूची सामने आई वह अंतिम नहीं है। अब बहुत जल्द नई टीम की घोषणा होगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी जातीय बोर्ड को बंद करने की बात गलत है। सभी बोर्ड और नियुक्तियां बनी रहेंगी। संवैधानिक पदों को समय पूरा होने पर ही बदला जा सकता है।
राठौड़ ने गहलोत के आरोपों को पलटते हुए कहा कि सरकार गिराने का काम केवल कांग्रेस की परंपरा है। बीजेपी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में ही संवैधानिक पदों से लोगों को हटाया गया, जबकि भाजपा ऐसा कोई काम नहीं करती।