पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय जब रीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तब पूरी परीक्षा रद्द करके नई परीक्षा करवाई गई। वहीं, बीजेपी सरकार अदालत में एफिडेविट देती है कि एसआई परीक्षा रद्द नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नेता टीवी पर आपस में झगड़ रहे हैं और जनता सब देख रही है कि ये कैसा दोहरा रवैया है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ सबसे कड़े कदम उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 10 करोड़ की पेनल्टी, आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान उनकी सरकार ने किया। साथ ही, एसओजी में एंटी-चीटिंग सेल बनाई गई, जिससे कई बड़े मामलों का पर्दाफाश हुआ। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि जिनके नाम सामने आए हैं, उनमें तीन RPSC सदस्य ऐसे हैं जिन्हें वसुंधरा राजे सरकार के समय नियुक्त किया गया था और दो अन्य भाजपा शासनकाल में नियुक्त हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आगे पेपर लीक न हो। इसके लिए पक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी का माहौल ऐसा है कि पूरे देश में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक हो रहे हैं—चाहे आर्मी हो, न्यायिक परीक्षाएं हों या मेडिकल की नीट परीक्षा।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने बताया कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में 50 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि राजस्थान भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन जिस सख्ती से कदम राजस्थान में उठाए गए, वे देशभर के लिए मिसाल हैं।