जयपुर। राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने 2021 की सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा की तरह अदालत के हर फैसले का सम्मान करती है और इस फैसले का कानूनी परीक्षण करेगी।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि 2021 में हुई SI भर्ती परीक्षा में जो अनियमितताएं सामने आईं, उस पर हाईकोर्ट की टिप्पणियां कहीं न कहीं कांग्रेस सरकार की करतूतों पर मोहर लगाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता में बैठे कांग्रेस सरकार के उच्च पदस्थ लोगों और RPSC की मिलीभगत से ही यह भर्ती घोटाला हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी तक इस मामले में गिरफ्तार हुए, जो उस दौर की मिलीभगत को साबित करता है।
उन्होंने बताया कि 2021 से दिसंबर 2023 तक, यानी ढाई साल के दौरान, अभ्यर्थियों की लगातार मांग के बावजूद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। भाजपा ने इस मुद्दे को विधानसभा के पटल पर भी उठाया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे अनसुना कर दिया।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया। SIT की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और मामला एसओजी को सौंपा गया। इसके बाद अब तक 300 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें 55 से ज्यादा ट्रेनिंग SI भी शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने न केवल SI भर्ती घोटाले में जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा किया बल्कि उसके बाद हुई सभी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की। चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और कोर्ट के फैसले का परीक्षण करने के साथ आगे की कार्रवाई भी करेगी।