जयपुर जल जीवन मिशन के 900 करोड़ रुपए के घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री महेश जोशी की अंतरिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को ईडी कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। गुरुवार को इस पर सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।
महेश जोशी की ओर से उनके अधिवक्ता दीपक चौहान ने 9 दिन की अंतरिम जमानत मांगी है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि जोशी की पत्नी का हाल ही में निधन हुआ है और उनकी 13वीं और अन्य अंतिम संस्कार से जुड़े रीति-रिवाजों का पालन महेश जोशी की उपस्थिति में होना आवश्यक है।
इस बीच, अंतरिम जमानत की पहले दी गई अवधि समाप्त होने पर जोशी ने गुरुवार शाम जयपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। अब वे शुक्रवार सुबह तक जेल में ही रहेंगे, जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता।
यह दुखद पारिवारिक परिस्थिति है, जिसमें जोशी का घर पर रहना अनिवार्य है।
अंतिम संस्कार की परंपराएं महेश जोशी के हाथों से संपन्न होना सामाजिक रूप से जरूरी मानी जाती हैं।
कोर्ट शुक्रवार को यह तय करेगा कि जोशी को और 9 दिन की अंतरिम जमानत दी जाए या नहीं।
यदि कोर्ट जमानत मंजूर करती है, तो जोशी कुछ समय के लिए जेल से बाहर रह सकेंगे।