पूर्व मंत्री शांति धारीवाल से जुड़े 11 साल पुराने एकल पट्टा घोटाले के मामले में गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से अभियोजन को लेकर उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में पूछा। इस पर भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू, जो राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे हैं, ने स्पष्ट किया कि सरकार शांति धारीवाल सहित अन्य आरोपियों द्वारा दायर याचिकाओं का विरोध करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब 26 नवंबर 2021 को ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा दायर की गई रिवीजन याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। गौरतलब है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अब हाईकोर्ट में अंतिम रूप से सुना जा रहा है।
सुनवाई के दौरान परिवादी अशोक पाठक ने इस प्रकरण में पार्टी बनाए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिसका शांति धारीवाल सहित अन्य आरोपियों की ओर से विरोध किया गया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की बहस पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते न्यायालय ने अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में काफी हलचल बनी हुई है, क्योंकि यह मामला भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़ा है, और इसमें कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के नाम जुड़े हुए हैं।