भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव सचिन पायलट ने पिछली शाम लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स (LSE) में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय राजनीतिक विमर्श, विपक्ष की भूमिका और उसकी लोकतांत्रिक प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए कहा कि भारत में विपक्ष की सक्रियता लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और INDIA गठबंधन का गठन, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीति को सीधी चुनौती देने और जनता की आवाज़ को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सचिन पायलट ने आगे कहा कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि भारत में एक सशक्त विपक्ष न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य है, ताकि सरकार को जवाबदेह बनाया जा सके और सत्ता के निरंकुश प्रयोग पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय विपक्ष की भूमिका सिर्फ संसद के भीतर बहसों और विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन आंदोलन, जनसरोकार और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर भी उतनी ही प्रभावशाली रही है।
सचिन पायलट ने यह बात भी दोहराई कि लोकतंत्र सिर्फ चुनावों से नहीं चलता, बल्कि एक प्रभावशाली, विवेकशील और सक्रिय विपक्ष उसकी सांस्थानिक ताकत को बनाए रखने में मदद करता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विपक्ष का दायित्व और भी बढ़ जाता है, जहां उसे न केवल नीतियों की आलोचना करनी होती है, बल्कि जनभावनाओं को मंच भी देना होता है।