राजस्थान अब लॉजिस्टिक्स हब के रूप में तेजी से उभरने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा राजस्थान दिवस के सात दिवसीय महोत्सव के दौरान "राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025" का शुभारंभ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना, कनेक्टिविटी को सशक्त बनाना और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करते हुए राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
राजस्थान की भौगोलिक स्थिति, जो इसे उत्तर और पश्चिम भारत के व्यापारिक गलियारे में रणनीतिक रूप से स्थित करती है, नीति को और अधिक प्रभावी बनाती है। राज्य के पास देश का तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क और दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, साथ ही 9 इनलैंड कंटेनर डिपो, 7 एयरपोर्ट और एक एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स इसे लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में विशेष दर्जा प्रदान करते हैं।
नीति में विभिन्न प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं – जैसे ईएफसीआई (Eligible Fixed Capital Investment) पर 25% तक की कैपिटल सब्सिडी, जो 10 वर्षों तक लागू रहेगी। लॉजिस्टिक्स पार्क डेवलपर्स को 7 वर्षों तक 7% ब्याज अनुदान और करों में विभिन्न छूटें, जैसे स्टाम्प ड्यूटी पर 75% छूट, बिजली शुल्क पर 100% छूट, मंडी शुल्क में छूट जैसे आकर्षक प्रावधान शामिल हैं।
युवाओं के लिए भी रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। नीति के तहत ट्रेनिंग लागत का 50% पुनर्भरण, ट्रक ट्रैकिंग, सॉफ्टवेयर, और फायर सिस्टम जैसे तकनीकी उन्नयन पर सब्सिडी, और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 12.5 करोड़ रुपये तक प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा रीको के नए औद्योगिक क्षेत्रों में 10% भूमि लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए आरक्षित की जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा अब तक कुल 13 नई औद्योगिक और व्यापारिक नीतियां लाई जा चुकी हैं, जिनमें MSME नीति, निर्यात नीति, पर्यटन इकाई नीति, डेटा सेंटर नीति, टेक्सटाइल नीति, स्वच्छ ऊर्जा नीति आदि शामिल हैं। इन नीतियों को लेकर देशी और विदेशी निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है, जो राजस्थान को देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।