अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. गिरिजा व्यास की हालत नाजुक बनी हुई है। गणगौर पूजा के दौरान झुलसने के बाद उन्हें सोमवार को गंभीर अवस्था में अहमदाबाद के जाइडस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। घटना के 24 घंटे बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ है, बल्कि स्थिति और बिगड़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार उनके शरीर का 90 प्रतिशत हिस्सा झुलस चुका है और सिर में चोट के चलते ब्रेन हेमरेज भी हुआ है। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
डॉ. गिरिजा व्यास का इलाज हॉस्पिटल के सीनियर प्लास्टिक सर्जन डॉ. गिरीश अमलानी की निगरानी में किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी स्थिति में थोड़ी स्थिरता आने पर ही सर्जरी संभव हो पाएगी। परिजनों का कहना है कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हैं और झुलसने की वजह से संक्रमण और जटिलताओं का खतरा अधिक बना हुआ है।
परिजनों ने बताया कि उदयपुर से अहमदाबाद जाते समय गिरिजा व्यास होश में थीं और परिवार से बात कर रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद हालत तेजी से बिगड़ गई। भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि दीदी ICU में हैं, और उनकी हालत बेहद गंभीर है। डॉक्टरों की टीम उन्हें लगातार मॉनिटर कर रही है, लेकिन परिजनों को भी ICU में जाने की अनुमति नहीं है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री से बातचीत कर इस मामले में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए कहा था। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस बारे में डॉक्टर से बात कर स्थिति के बारे में जायजा लिया और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
घटना के बाद से ही शुभचिंतकों में चिंता का माहौल है। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में लोग उनकी तबीयत के बारे में जानकारी लेने अस्पताल पहुंचे। कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
डॉ. गिरिजा व्यास का लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय योगदान रहा है। वे महिला आयोग की अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और राजस्थान सरकार में कई जिम्मेदार पदों पर रह चुकी हैं। उनकी बिगड़ती हालत ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बेचैनी बढ़ा दी है।