राजस्थान में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार अब पूरी तरह से सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन की रोकथाम को लेकर पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इसके लिए अब आकस्मिक संयुक्त अभियानों की शुरुआत की जाएगी। इन अभियानों के माध्यम से खनन माफियाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्यहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण समर्पण भाव से करें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि खनिज संसाधनों से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है और राज्य के राजस्व में खनन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला कलक्टरों को खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि पुलिस, खनन, वन, परिवहन और प्रशासनिक विभाग मिलकर समन्वय से कार्य करें।
अवैध खनन पर निगरानी के लिए अब आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन से सर्वे और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। साथ ही मुख्यालय स्तर पर एक संयुक्त टास्क फोर्स गठित कर औचक निरीक्षण कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-सेंड को बजरी के विकल्प के रूप में प्रोत्साहित किया जाए ताकि प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम हो और वैध खनन को बल मिले। उन्होंने खान विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि वैध खनन को बढ़ावा देना और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है जिससे राजस्व भी बढ़े और रोजगार के अवसर भी सृजित हों।
प्रमुख शासन सचिव खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकांत ने अवैध खनन की स्थिति, संवेदनशील जिले, की गई कार्रवाई और विभिन्न विभागों की भूमिकाओं पर विस्तृत जानकारी दी। बैठक में पुलिस महानिदेशक यू आर साहू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, सभी जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।