राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर प्रोटोकॉल और लोकतांत्रिक परंपराओं को लेकर बहस छिड़ गई है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जुली ने खाटूश्यामजी सदर थाने के उद्घाटन समारोह को लेकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला है।
टीका राम जुली ने ट्वीट करते हुए कहा कि “खाटूश्याम जी सदर थाने के उद्घाटन में स्थानीय विधायक श्री वीरेंद्र सिंह जी की उपस्थिति में सरकार द्वारा भाजपा प्रत्याशी से फीता कटवाना लोकतांत्रिक रूप से जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि (विधायक) के विशेषाधिकारों का हनन है। यह लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रकरण में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि “माननीय मुख्यमंत्री जी, सरकार द्वारा जारी आदेश को या तो तत्काल प्रभाव से प्रत्याहृत किया जाए या उसकी पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित की जाए। नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में दोहरे मापदंड स्वीकार्य नहीं हो सकते।”
टीका राम जुली ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि “भारतीय जनता पार्टी के राज में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए जनप्रतिनिधियों के विशेषाधिकारों का हनन आम बात हो गई है, जो जनता के जनमत का अपमान है, यह अलोकतांत्रिक है।”
उन्होंने अफसरशाही पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी आप भूल रहे हैं कि विधायक का प्रोटोकॉल ब्यूरोक्रेसी के मुखिया से बड़ा होता है। प्रदेश में हावी अफसरशाही पर जरा लगाम लगाइए ताकि जनता का विश्वास लोकतंत्र में बना रहे।”