Monday, 31 March 2025

जयपुर: खाद्य सुरक्षा सूची से हटाई गईं 37 हजार यूनिट्स, अपात्र लाभार्थियों को 30 अप्रैल तक ‘गिव अप’ का मौका


जयपुर: खाद्य सुरक्षा सूची से हटाई गईं 37 हजार यूनिट्स, अपात्र लाभार्थियों को 30 अप्रैल तक ‘गिव अप’ का मौका

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के अंतर्गत अपात्र लाभार्थियों की पहचान करते हुए जयपुर में 37,000 से अधिक यूनिट्स को सूची से हटा दिया गया है, जबकि 389 व्यक्तियों को ‘गिव अप’ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्य जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर जिला रसद अधिकारी त्रिलोकचंद मीणा द्वारा संचालित गिव अप अभियान के तहत किया गया है।

जिला रसद अधिकारी ने बताया कि 28 मार्च तक कुल 8,825 परिवारों की 37,064 यूनिट्स को खाद्य सुरक्षा सूची से बाहर कर दिया गया है। साथ ही, ऐसे 389 अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए नोटिस दिए गए हैं। अभियान की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2025 तय की गई है। इस तारीख तक नाम नहीं हटवाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

⚠️ आर्थिक दंड की चेतावनी

यदि किसी अपात्र व्यक्ति द्वारा तय समय-सीमा तक नाम नहीं हटवाया गया, तो 27 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न की वसूली की जाएगी, जिसमें ब्याज भी जोड़ा जाएगा। सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्मिकों की सूची तैयार की जा रही है, और संबंधित विभागों को उनके मासिक वेतन से वसूली के लिए पत्र भेजा जाएगा।

📋 किन्हें हटवाना होगा नाम?

'गिव अप' अभियान के तहत निम्न श्रेणी के लोग अपात्र माने गए हैं:

  • परिवार का कोई सदस्य सरकारी/अर्ध-सरकारी/स्वायत्तशासी संस्थान में कार्यरत हो

  • परिवार की कुल वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक हो

  • ₹1 लाख से अधिक पेंशन प्राप्तकर्ता

  • आयकरदाता

  • निजी चौपहिया वाहन स्वामी

इन सभी को खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हटवाने का आग्रह किया गया है।

📥 कैसे करें आवेदन?

नाम हटवाने के लिए आवेदन

  • जिले की उचित मूल्य दुकानों पर प्राप्त किया जा सकता है

  • ऑनलाइन आवेदन भी संभव है: food.rajasthan.gov.in

📌 अभियान का उद्देश्य

योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए अपात्र लोगों से स्वयं नाम हटवाने की अपील की जा रही है। जयपुर में हजारों लोग अब तक इस अभियान में शामिल हो चुके हैं।

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