राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग परियोजना खण्ड-प्रथम पाली में गंभीर अनियमितताओं के चलते पांच अभियंताओं और एक सहायक लेखाधिकारी-द्वितीय को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जवाई क्लस्टर चतुर्थ जल जीवन मिशन के अंतर्गत की गई जांच कमेटी की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं:
महेन्द्र कुमार, तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, वर्तमान पदस्थापन — जिला खण्ड झुंझुनू
महेन्द्र कुमार वर्मा, तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, वर्तमान पदस्थापन — परियोजना खण्ड झुंझुनू
रामलाल मीना, तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, वर्तमान पदस्थापन — खण्ड कुचामन
प्रतिभा कटारिया, तत्कालीन सहायक अभियंता, वर्तमान पदस्थापन — क्षेत्र जोधपुर (स्थानांतरणाधीन)
प्रेमराज मीना, तत्कालीन सहायक अभियंता, वर्तमान पदस्थापन — परियोजना खण्ड मंडरायल, जिला करौली
युधिष्ठिर सिंह, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी-द्वितीय, वर्तमान पदस्थापन — विकास अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति रोहट, जिला पाली
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी निलंबित अधिकारियों का मुख्यालय अतिरिक्त मुख्य सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर में नियत किया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में परियोजना में वित्तीय व तकनीकी स्तर पर गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में अन्य दोषी अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।