Thursday, 03 April 2025

'पहले विदेशी भी खाते थे, अब लोग निराश लौट रहे', गहलोत बोले- 'इंदिरा रसोई का नाम बदला, लेकिन गुणवत्ता सुधारने के बजाय उसे कमजोर किया


'पहले विदेशी भी खाते थे, अब लोग निराश लौट रहे', गहलोत बोले- 'इंदिरा रसोई का नाम बदला, लेकिन गुणवत्ता सुधारने के बजाय उसे कमजोर किया

राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की इंदिरा रसोई योजना का नाम बदलकर भजनलाल सरकार ने अन्नपूर्णा रसोई योजना कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर लगातार सियासी बयानबाजी जारी है। अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है।

गहलोत का आरोप: पहले विदेशी भी खाते थे, अब ठंडा और गंदा खाना मिल रहा

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा,
"हमारी सरकार ने ‘कोई भूखा न सोए’ की भावना के साथ इंदिरा रसोई योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर अन्नपूर्णा योजना कर दिया। नाम बदलने के बाद इसे मजबूत करने के बजाय कमजोर किया जा रहा है।"

गहलोत ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में विदेशी पर्यटक तक इंदिरा रसोई में भोजन करते थे और उसकी प्रशंसा करते थे। लेकिन अब, कहीं गंदगी पसरी हुई है, तो कहीं ठंडा और घटिया भोजन परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं, जबकि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सस्ते में अच्छा भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी।

सीएम भजनलाल शर्मा को मॉनिटरिंग की सलाह

अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की कि वे इस योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग करें और इसे बेहतर बनाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ नाम बदलने के बजाय इसकी गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

क्या सच में कमजोर हो रही है योजना?

गहलोत के आरोपों पर भाजपा सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह बहस जारी है कि क्या नाम बदलने के बाद इस योजना की गुणवत्ता में गिरावट आई है या यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गया है।

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