राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की इंदिरा रसोई योजना का नाम बदलकर भजनलाल सरकार ने अन्नपूर्णा रसोई योजना कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर लगातार सियासी बयानबाजी जारी है। अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा,
"हमारी सरकार ने ‘कोई भूखा न सोए’ की भावना के साथ इंदिरा रसोई योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर अन्नपूर्णा योजना कर दिया। नाम बदलने के बाद इसे मजबूत करने के बजाय कमजोर किया जा रहा है।"
गहलोत ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में विदेशी पर्यटक तक इंदिरा रसोई में भोजन करते थे और उसकी प्रशंसा करते थे। लेकिन अब, कहीं गंदगी पसरी हुई है, तो कहीं ठंडा और घटिया भोजन परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं, जबकि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सस्ते में अच्छा भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी।
अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की कि वे इस योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग करें और इसे बेहतर बनाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ नाम बदलने के बजाय इसकी गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
गहलोत के आरोपों पर भाजपा सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह बहस जारी है कि क्या नाम बदलने के बाद इस योजना की गुणवत्ता में गिरावट आई है या यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गया है।
"कोई भूखा न सोए" की भावना के साथ हमारे कार्यकाल में इंदिरा रसोई की शुरुआत की गई थी। भाजपा सरकार आने के बाद इस योजना का नाम बदल कर अन्नपूर्णा योजना कर दिया। नाम बदलने के बाद इस योजना को मजबूत करने का संकल्प करना चाहिए था परन्तु इसे धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) March 4, 2025
मुझे याद है कि… pic.twitter.com/vdFsh926yz