राजस्थान विधानसभा में चल रहे गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सत्ता पक्ष पर वार्ता से बचने और विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया।
विधानसभा के बाहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विपक्ष बार-बार गतिरोध खत्म करने के लिए वार्ता की कोशिश कर रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष बातचीत के लिए तैयार नहीं।
"मैंने खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मुद्दे पर बात की थी। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री से चर्चा की थी, लेकिन अब तक सरकार की तरफ से गतिरोध खत्म करने को लेकर कोई प्रयास नहीं हुआ। सत्ता पक्ष घमंड में चूर है और नहीं चाहता कि विपक्ष विधानसभा में अपनी बात रख सके।"
"बिजली, पानी, शिक्षा पर चर्चा नहीं चाहते भाजपा विधायक" - डोटासरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार असली मुद्दों से बचना चाहती है।"पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दे भाजपा की प्राथमिकता में नहीं हैं, इसलिए वे इन पर चर्चा नहीं करना चाहते। मुझे पांच साल के लिए टर्मिनेट कर दो, लेकिन सदन चलने दो। मैंने खेद भी प्रकट कर दिया है।"
डोटासरा ने यह भी कहा कि मीडिया की बातों को आधार बनाकर सदन नहीं चलाया जा सकता। मुझे अपमानित किया गया है। उस टिप्पणी को हटाया जाए। मंत्री खेद प्रकट करें। अगर अध्यक्ष को तकलीफ हुई है, तो मैं खेद व्यक्त कर चुका हूं।
डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा -विधानसभा अध्यक्ष ईगो रखने वाले व्यक्ति हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि विपक्ष को दबाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा।
कांग्रेस विधायकों ने अनोखे तरीके से विरोध जताया।धरने के दौरान समानांतर विधानसभा लगाई।कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर को स्पीकर का रोल दिया गया।विधानसभा की कार्यवाही की नकल करते हुए सवाल पूछे, हंगामा किया और भाजपा सरकार पर तंज कसे।