राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों के शीघ्र निस्तारण को लेकर मुख्य सचिव सुधांश पंत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों की बैठक ली। बैठक में संपर्क पोर्टल की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और यह घोषणा की गई कि संपर्क पोर्टल 2.0 को जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।
जयपुर और जोधपुर में सबसे अधिक परिवाद: मुख्य सचिव सुधांश पंत ने बताया कि जयपुर और जोधपुर जिलों में सबसे अधिक परिवाद दर्ज किए गए हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी माना कि यह दोनों जिले बड़े हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में अधिक शिकायतें आना स्वाभाविक है।
मुख्य सचिव सुधांश पंतने दिए ये निर्देश:परिवादों का समयबद्ध निस्तारण करें और उनकी संख्या कम करने का प्रयास करें।परिवादी से समाधान के बाद फीडबैक लें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समस्या का समाधान वास्तविक रूप से हुआ है।जिन मामलों में बजट या नियमों की सीमा के कारण राहत नहीं दी जा सकती, उनमें परिवादी को स्पष्ट सूचना दी जाए। समाधान की समय सीमा कम करने पर जोर दिया जाए – कोई भी परिवाद 6 महीने से अधिक पेंडिंग नहीं रहना चाहिए।निराकरण प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निस्तारित परिवादों की फोटो अपलोड करने की व्यवस्था लागू की जाए।जल स्वास्थ्य, चिकित्सा, राशन और वित्तीय मामलों से जुड़े परिवादों को साप्ताहिक रूप से प्राथमिकता दी जाए।
संपर्क पोर्टल 2.0 से क्या होंगे लाभ?: नवीन तकनीकों का उपयोग करके शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।शिकायतकर्ता को समाधान की हर प्रक्रिया की अपडेट मिल सकेगी।
संभागीय और जिला अधिकारियों को विशेष निर्देश: मुख्य सचिव सुधांश पंत ने सभी संभागीय और जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए, जिससे परिवादों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके।