जयपुर राजस्थान में फोन टैपिंग विवाद और आरपीएससी की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फोन टैपिंग एक गंभीर अपराध है और सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
सचिन पायलट ने कहा कि अगर कोई भी नेता, अधिकारी या पुलिसकर्मी इसमें दोषी है तो सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि सरकार के कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने खुद आरोप लगाए हैं कि उनका फोन टैप हो रहा है। लेकिन सरकार कार्रवाई करने की बजाय संगठन से जवाब मांग रही है।
सचिन पायलट ने कहा कि अगर सरकार के मंत्री खुद यह कह रहे हैं कि उनका फोन टैप हो रहा है, तो सरकार को विधानसभा में इसका जवाब देना चाहिए।
सचिन पायलट ने कहा कि सरकार को फोन टैपिंग मामले पर स्पष्टीकरण देकर व्हाइट पेपर जारी करना चाहिए।
अगर कोई सूत्र था जिसने डॉ.किरोड़ी लाल मीणा को यह सूचना दी, तो उन्हें इसका खुलासा करना चाहिए। "यह भाजपा का आंतरिक मामला जरूर हो सकता है, लेकिन फोन टैपिंग की जांच होनी चाहिए।"
सचिन पायलट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पर भी सवाल उठाए और कहा राजस्थान हाईकोर्ट की टिप्पणी यह दिखाती है कि RPSC गूंगी और बहरी बनी हुई है।
यह एक ऐसी संस्था है, जो प्रदेश के नौजवानों का भविष्य तय करती है, लेकिन इसकी चयन प्रक्रिया और जवाबदेही पूरी तरह समझौते की स्थिति में है।
सचिन पायलट ने कहा किमैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में लोगों का भरोसा टूटेगा तो यह राजस्थान के लिए बड़ा नुकसान होगा।
बार-बार यह कहना कि यह संवैधानिक संस्था है और इसमें बदलाव संभव नहीं, केवल बहानेबाजी है।
पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार निर्णायक कार्रवाई करने के बजाय मामलों को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि "कलेक्टिव लीडरशिप में हर मंत्री सरकार की ओर से बोलता है, तो क्या सरकार इस मुद्दे पर चुप रहेगी?"
सचिन पायलट के इस बयान के बाद फोन टैपिंग और RPSC विवाद पर सियासत और तेज हो सकती है। अब देखना होगा कि भाजपा सरकार इस पर क्या सफाई देती है और डॉ.किरोड़ी लाल मीणा का अगला कदम क्या होगा?