Thursday, 03 April 2025

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर सोनिया गांधी का बड़ा बयान, 14 करोड़ लोगों को नहीं मिल रहा लाभ


राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर सोनिया गांधी का बड़ा बयान, 14 करोड़ लोगों को नहीं मिल रहा लाभ

कांग्रेस संसदीय दल (CPP) अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि 14 करोड़ पात्र भारतीयों को NFSA के तहत लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि लाभार्थियों की संख्या अब भी 2011 की जनगणना के आधार पर तय की जा रही है।

NFSA को यूपीए सरकार ने सितंबर 2013 में लागू किया था, जिसका उद्देश्य देश की 140 करोड़ आबादी के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इस अधिनियम ने लाखों परिवारों को भुखमरी से बचाया, विशेष रूप से कोविड-19 संकट के दौरान। इसी कानून के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की गई थी।

जनगणना में देरी से प्रभावित हो रहे हैं करोड़ों लोग
NFSA के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की 75% और शहरी क्षेत्रों की 50% आबादी को रियायती दर पर अनाज मिलना तय है। लेकिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना चार साल से अधिक समय तक टल चुकी है। यह 2021 में होनी थी, लेकिन अब तक इसके आयोजन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

सोनिया गांधी ने सरकार से आग्रह किया कि जनगणना को प्राथमिकता दी जाए, ताकि गरीबों को उनके खाद्य सुरक्षा अधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने कहा, "खाद्य सुरक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है।"

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