राजस्थान सरकार ने 6759 ग्राम पंचायतों में इस महीने होने वाले चुनाव टालकर मौजूदा सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक प्रशासकीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें उप सरपंच और वार्ड पंच सदस्य शामिल होंगे। इस फैसले को मध्य प्रदेश मॉडल के आधार पर लागू किया गया है।
जिन पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया है, वहां मौजूदा सरपंच प्रशासक के रूप में काम करेंगे।प्रशासकीय समिति से सलाह लेकर निर्णय लिए जाएंगे।
प्रशासकीय समिति का गठन: ग्राम पंचायतों में उप सरपंच और वार्ड पंच सदस्यों की मदद से प्रशासनिक समिति बनेगी।समिति के गठन और प्रशासक नियुक्ति का काम जिला कलक्टरों द्वारा किया जाएगा।
चुनाव टालने का कारण: सरकार वन स्टेट, वन इलेक्शन की नीति के तहत सभी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाना चाहती है।पंचायतों का पुनर्गठन पूरा होने तक चुनाव नहीं होंगे।
मध्य प्रदेश मॉडल की तर्ज पर फैसला: यह मॉडल पहले मध्य प्रदेश और अन्य भाजपा-शासित राज्यों में अपनाया जा चुका है।
इसे पंचायती राज संस्थाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।