गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा बढ़ाकर मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। उन्होंने कहा, "जब तक भाजपा का एक भी सदस्य संसद में है, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे, क्योंकि यह संविधान विरोधी है।"
शाह ने यह बात मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कही। डेढ़ घंटे लंबे भाषण में उन्होंने कहा, "संविधान का सम्मान सिर्फ बातों में नहीं, काम में भी होना चाहिए। चुनाव में हमने देखा कि कैसे संविधान लहराकर और झूठ बोलकर कांग्रेस नेताओं ने जनादेश लेने की कोशिश की। संविधान श्रद्धा और विश्वास का विषय है, केवल दिखावे का नहीं।"
धारा 370 का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा, "हमने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर सही मायने में संविधान को लागू किया। यह उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो कहते थे कि संविधान को सही तरीके से लागू करना संभव नहीं है।"
शाह ने इमरजेंसी का भी जिक्र करते हुए कहा, "कांग्रेस की सरकार ने इमरजेंसी लगाकर संविधान और लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया। लेकिन देश में लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक गहरी हैं। भारत के लोकतंत्र ने कई तानाशाहों के गुमान को चूर-चूर किया है।"
अपने भाषण में शाह ने आर्थिक उपलब्धियों पर जोर देते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, "जो लोग कहते थे कि भारत आत्मनिर्भर नहीं बन सकता, उन्हें आज आत्मनिर्भर भारत की सफलता देखनी चाहिए।"
इस दौरान शाह ने विपक्षी नेताओं के नारे और बयानबाजी पर निशाना साधते हुए दुष्यंत कुमार की इमरजेंसी पर लिखी कविता पढ़ी:
"एक गुड़िया की कई कठपुतलियों में जान है, आज शायर यह तमाशा देख कर हैरान है।"
मोदी सरकार के लिए संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि वंचितों के कल्याण और राष्ट्रनिर्माण की मूल प्रेरणा है। राज्यसभा में संविधान निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित चर्चा से लाइव…
— Amit Shah (@AmitShah) December 17, 2024
https://t.co/B6eK3wj8EH