संसद के शीतकालीन सत्र का 12वां दिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोपों के साथ विवादों से भरा रहा। राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्षी सांसदों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार हंगामा हुआ।
विपक्ष का विरोध और तिरंगे का प्रदर्शन:विपक्षी सांसद तिरंगा और फूल लेकर संसद परिसर पहुंचे। उन्होंने इनका वितरण एनडीए सांसदों को करते हुए लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने की अपील की।विपक्ष ने सभापति के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की।
सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: 11 दिसंबर को विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी पीसी मोदी को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया।विपक्ष का आरोप है कि सभापति धनखड़ ने सदन की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने में असफलता दिखाई।
सत्ता पक्ष का जवाब और किरेन रिजिजू का बयान: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 72 साल बाद किसी किसान का बेटा उपराष्ट्रपति और सभापति बना है।रिजिजू ने सवाल उठाया कि जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के बीच क्या रिश्ता है।उन्होंने कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग की।
सदन में हंगामा: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।एनडीए सांसदों ने विपक्ष की रणनीति को "लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने का प्रयास" बताया। विपक्ष ने सभापति पर पक्षपाती व्यवहार का आरोप लगाया।
अविश्वास प्रस्ताव की पृष्ठभूमि: यह प्रस्ताव विपक्ष के असंतोष का प्रतीक है, जिसमें उन्होंने सभापति पर अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।विपक्ष की मांग है कि सभापति धनखड़ अपने कार्यों पर स्पष्टीकरण दें।
संसद के शीतकालीन सत्र के 12वें दिन सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहमागहमी जारी रही। विपक्ष और सरकार के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, जिससे सत्र की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।